
16 अप्रैल 2026 को तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त विद्यालयों के निदेशकों और प्रतिनिधियों के साथ स्कूल फीस को लेकर एक बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी-सह-सदस्य प्रमण्डलीय शुल्क विनियमन समिति, मुजफ्फरपुर के साथ इन्द्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल, मुजफ्फरपुर के निदेशक, बेतिया के सेन्ट टेरेसा उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य,
मोतिहारी के अजरा प्रवीन, एस०बी०वी० बाल विद्या मंदिर, और संतपॉल हाई स्कूल, वैशाली के राजेश कुमार सिंह अभिभावक प्रतिनिधि के तौर पर शामिल होंगे।
आपको बता दें कि शुल्क विनियमन निजी स्कूलों या संस्थाओं द्वारा ली जाने वाली फीस को नियंत्रित और पारदर्शी बनाने की एक सरकारी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य अभिभावकों को मनमानी फीस वृद्धि से बचाना है। इसके तहत स्कूल अपनी फीस मनमाने ढंग से नहीं बढ़ा सकते। उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित समिति के समक्ष अपनी फीस संरचना का औचित्य साबित करना पड़ता है।
इसी बीच इंडियन एसोसिएशन ऑफ स्कूल्स के अध्यक्ष सुमन कुमार ने सभी विद्यालय संचालकों से अनुरोध किया है कि स्कूल की ट्यूशन फीस में 7% प्रति वर्ष से ज़्यादा की बढ़ोतरी न करें। यदि इससे ज़्यादा बढ़ाना है तो कृपया आयुक्त महोदय, तिरहुत प्रमंडल के नाम से आवेदन लिखें जिसमें विस्तार से 7% से ज़्यादा बढ़ाने का कारण लिखें।
किताबों और स्टेशनरी के मामले में सुमन कुमार ने कहा कि स्कूल/विद्यालय केवल सिफारिश करते हैं। स्कूल चलाने वाले लोग मैन्युफैक्चरिंग नहीं करते हैं, इसलिए मार्केट या प्रोडक्शन रेट की जानकारी नहीं हो पाती, जिसके कारण किताबें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म से स्कूल का कोई मतलब नहीं होता। अमीरी गरीबी में फर्क न हो, इसलिए एक जैसी यूनिफॉर्म, किताबें, स्टेशनरी की सिफारिश की जाती है।










