बिहार के पूर्व नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा से खास बातचीत..स्मार्ट सिटी को लेकर क्या कहा..सुनिए

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मुजफ्फरपुर की सूरत कुछ और होती अगर स्मार्ट सिटी की परिकल्पना धरातल पर दिखना शुरू हो गया होता। यह कहना है पूर्व नगर विकास मंत्री और 10 साल तक विधायक रहे सुरेश शर्मा का। इन्होंने अपनी व्यथा khabarjindagi.com के साथ साझा किया। जो खबरजिंदगी YOUTUBE चैनल पर पब्लिश है

इन्होंने बताया कि बिहार के 4 शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलना था। जिसमें पटना, भागलपुर और बिहारशरीफ और चौथे पर गया शहर की बात चल रही थी। तब इन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नगर विकास मंत्री वेंकैया नायडू से मुलाकात की और लगातार इसके लिए प्रयासरत रहे। और अंततः सुरेश शर्मा की मेहनत रंग लाई और मुजफ्फरपुर को स्मार्ट सिटी घोषित किया गया।

मुजफ्फरपुर के स्मार्ट सिटी घोषित होने के बाद 1580 रूपये केंद्र सरकार से मिले थे। इसपर सुरेश शर्मा ने कहा कि इतने से रुपए में मुजफ्फरपुर जैसे जटिल शहर को स्मार्ट सिटी नहीं बनाया जा सकता था। तो इन्होंने कई विभागों और मंत्रालय से भाग दौर कर पूरा फंड 2600 का कराया और फिर स्मार्ट सिटी का काम शुरू हुआ।

2020 के चुनाव में सुरेश शर्मा चुनाव नहीं जीत पाए उसके बाद से स्मार्ट सिटी का काम भी धीमा हो गया। मुजफ्फरपुर में पिछले 8 साल से Smart City का काम चल रहा है पर अब तक स्मार्ट नहीं बन पाया।

इसके लिए सुरेश शर्मा भी बड़े दुखी दिखे उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत बहुत सारा काम होना था, लेकिन लगता है कि स्मार्ट सिटी के मिले फंड को डाइवर्ट कर दिया गया है।  इनका कहना है कि एक एडवाइजरी कमेटी भी बनाई गई थी जिसमें अधिकारियों के साथ विभिन्न राजनीतिक दल के सदस्य थे लेकिन अब उसकी भी सक्रियता नहीं दिखती।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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