रांची, झारखंड: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, JSSC-CGL तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। जिसके समर्थन में CJP प्रमुख अभिजीत दीपके के झारखंड आने की संभावना है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कथित मामलों की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए। लगातार कर रहे आंदोलन से सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न आने के बाद छात्र नेताओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दिया है जिसके बाद आंदोलन ने और गति पकड़ ली है।
इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति समर्थन जताया है। समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी रांची में आंदोलनरत छात्रों से बातचीत हुई है और उन्होंने इसमें समर्थन का भरोसा दिया है। अभिजीत दीपके ने कहा कि फिलहाल उनकी तबियत सही नहीं हैं वे टायफाइड से ग्रसित हैं, इसलिए यात्रा करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य में सुधार होते ही वे झारखंड जाकर छात्रों से मुलाकात करने का प्रयास करेंगे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
1. JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाए। 2. जिन JSSC परीक्षाओं पर अनियमितता के आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
3. कथित परीक्षा अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
4. भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार सुनिश्चित किए जाएं।
छात्रों का पक्ष
आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों का आरोप है कि पूर्व में भी कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले सामने आए, लेकिन सरकार की तरफ से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। जांच के बाद एजेंसियों ने सरकार को क्या रिप्ट दिया उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि इसी कारण वे देश की बड़ी एजेंसियों से स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
सरकार का इस पर रुख
झारखंड सरकार पहले ही कुछ आरोपों की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों को निर्देशित कर चुकी है। ल3किन अब तक उस पर जांच एजेंसियों ने कोई रिपोर्ट सरकार के समक्ष नहीं रखा है। प्रदर्शनकारी छात्र इस जांच कर रहे कर्मियों से संतुष्ट नहीं हैं और व्यापक एवं निष्पक्ष जांच की मांग दोहरा रहे हैं। फिलहाल राज्य सरकार की ओर से छात्रों की सभी मांगों पर अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई है। आंदोलन और सरकार के बीच आगे की बातचीत पर सभी की नजर बनी हुई है।









