US Iran War: डिंगबाज अमेरिका के सामने ईरान झुकने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है। इसी बीच मिडिल ईस्ट के संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा संकट को बढ़ा दिया है। जिसके प्रभाव को कम करने के लिए अमेरिका ने पहले रूस और अब ईरान के तेल बेचने के प्रतिबंध को अस्थाई तौर पर हटा दिया है। इसका दावा ईरान की सरकारी मीडिया की तरफ से किया गया है। अमेरिका का यह फैसला दोनों के बीच चल रहे युद्ध के शांति समझौते के प्रयासों के बीच आया है।

ईरान की सरकार यह चाहती है कि अमेरिका ने जितने भी प्रतिबंध लगाए हैं वो सब हटा दे। सरकारी मीडिया एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने हाल में कुछ प्रतिबंधों को हटा दिया है। हालांकि अमेरिका ने इस प्रतिबंध को एक्सटेंड किया है। इसके पहले से ट्रंप ने ईरान को तेल बेचने की इजाजत दी हुई है। इस समय ईरान यह चाहता है कि दोनों देशों के बीच में जो डील होगी उसमें भी अमेरिका यह आश्वासन दे कि वह भविष्य में ईरानी तेल के ऊपर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। हालांकि, अमेरिका की तरफ से इस पर कोई गारंटी नहीं दी गई है। बता दें कि यह दावा अभी केवल ईरान की तरफ से किया गया है। अमेरिका की तरफ से इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
यहां एक बात गौर करने वाली है कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध के दौरान ईंधन की कीमत में वृद्धि न हो इसलिए ईरान और रूस के तेल की खरीद पर लगाए अपने पुराने प्रतिबंधों को हटा दिया था। इससे भारत, चीन समेत कई देशों को लाभ हुआ था। 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरानी तेल खरीद को बंद करने वाले भारत ने 7 साल बाद 2026 में युद्ध के दौरान ईरानी तेल की खरीद की थी। यह अपने आप में एक बड़ा कदम था।
हालांकि इससे पहले ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच में शांति वार्ता के शर्तों को लेकर बात चित चल रही है। हाल ही में अमेरिका ने पांच सूत्रीय प्रस्ताव तेहरान को सौंपा था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुले आम धमकी देते हुए कहा था कि तेहरान के लिए समय खत्म हो रहा है। उन्हें जल्दी से जल्दी इस पर फैसला लेना होगा क्योंकि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा।
गौरतलब है कि अमेरिका का यह फैसला दूसरी बार आया है। दावा है कि अमेरिका की तरफ से यह फैसला दोनों पक्षों के बीच में शांति समझौते को लेकर किए जा रहे प्रयासों के बीच आया है।










