मुजफ्फरपुर में लगा लोक अदालत: दो पहिया वाहनों की लगी लंबी कतार..जुर्माना किया गया था आधा

शनिवार को मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर स्टेडियम में दोपहिया वाहन मोटरसाइकिल की लंबी कतार लग गई। दरअसल यातायात और परिवहन विभाग द्वारा एक लोक अदालत का शिविर लगाया गया था। जिसमें दो पहिया वाहनों पर जुर्माने की रकम शनिवार के लिए आधी की गई थी। जिसको चुकाने के लिए लोगों का भीड़ उमर पड़ी। भीड़ और गर्मी इतनी थी कि कई लोग बेहोश होते भी देखे गए। व्यवस्था इतनी लचर थी कि लोग यह कहते सुने गए इससे बेहतर होता कि यही व्यवस्था ऑनलाइन कर देते तो कम से लोग परेशान नहीं होते।

इसी भीड़ में कई ऐसे लोग आए थे जिनको गलत चालान काटा गया था। उसी भीड़ में एक सख्श ने कहा कि साल 2022 मैं अपने घर दीघरा में सो रहा था। गाड़ी भी घर में लगी थी। लेकिन मोतिहारी में मेरे गाड़ी का चलान कट गया। मै तो हतप्रभ रह गया। मैने इसके खिलाफ विभाग में कंप्लेन किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर अलग से समय समय पर मेरे मोबाइल पर टेक्स्ट मैसेज आता था कि अगर आपने जुर्माने की रकम अदा नहीं की तो आपके ऊपर भारतीय दंड संहिता के तहत केस दर्ज किया जाएगा। अंततः आज मैं जुर्माने की रकम भरने आया हूं।

ऐसी ही बानगी कई और लोगों की भी है। एक तो ऐसे शख्स से मुलाकात हुई जिनका कहना था कि फोटो में मेरे गाड़ी का नंबर है लेकिन चालान में गाड़ी का नंबर कोई और है। इसके खिलाफ मैने शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन कोई सुनवाई अब तक नहीं हुई। लेकिन जुर्माने को लेकर बार बार मुझे मैसेज आ रहा था। जिसके बाद मैं आज जुर्माने भरने आया हूं। कही भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ये चालान कही हाइवे पर का कटा है और गाड़ी हाईवे पर कभी गई भी नहीं।

मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा निवासी ने बताया कि मिठनपुरा चौक पर एक ही दिन एक ही समय में एक ही गाड़ी के तीन चालान कट गए। ऐसे ऐसे अनगिनत लोगों ने अपनी समस्याएं बताई जो किसी न किसी कारणवश गलत तरीके से कटे चालान की रकम अदा करने आए थे। इस सब को देखकर विभाग की कार्य शैली पर सवाल उठ रहे हैं। कहा जाता है कि सरकार जब अनभिज्ञता और आत्ममुग्धता में जीने लगे। तब भ्रष्टाचार और अपराध का बोलबाल बढ़ता है और अधिकारी का डर और शर्म दोनों खत्म हो जाता है।










