राजाबासा में सरकारी जमीन पर बने उत्क्रमित विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र सहित जाहेर पूजा स्थल को जेसीबी से तोड़ा जा रहा।

दबंग सुपाई मुर्मू और लखविंदर मुर्मू के खिलाफ ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी को हस्ताक्षर युक्त सौंपा ज्ञापन
उमेश कांत गिरि. ब्यूरो प्रभारी. घाटशिला. झारखंड
घाटशिला: घाटशिला में दिनदहाड़े प्रशासन के साथ साठ-गांठ से बालू से लेकर पत्थर खनन आदि अवैध धंधे चल ही रहा है। अब यह लोग सरकारी जमीन पर बने हुए बच्चों के सुनहरे भविष्य को गढने वाले शिक्षक संस्थान, आंगनबाड़ी केंद्र और पूजा स्थल तक को भी कब्जा करने में लगे हैं।

राजाबासा गांव के ग्रामीणों ने सरकारी जमीन को अवैध कब्जा मुक्त किए जाने को लेकर घाटशिला अंचलाधिकारी निशांत अंबर को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन जिसका प्लॉट नंबर 314, 325, 326 खाता संख्या 208 पर बने गांव के उत्क्रमित विद्यालय, जाहेर स्थान तथा आंगनबाड़ी केंद्र पर कब्जा करने की तैयारी है। है। इनलोगों ने गांव के सुपाई मुर्मू एवं लखविंदर मुर्मू पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूजा स्थल हमारे परंपरा एवं धार्मिक आस्था का केंद्र है, उसे षड्यंत्र के तहत दखल करने तथा उक्त लोगों द्वारा गांव में अशांति फैलाने का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ये दोनों आरोपी के द्वारा विरोध करने पर गाली-गलोज के साथ ही मारपीट करने की खुलेआम धमकी देते रहता है। अभी कुछ दिनों पूर्व ही ये दोनों ग्राम सभा से अलग होकर सामाजिक संस्था “सेंगेल अभियान” नामक संस्था से जुड़ा है। जिसका उद्देश्य गांव में अशांति तथा तनाव पैदा करना है।
ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी से आग्रह करते हुए कहा है कि इस अवैध कब्जा को प्रशासन द्वारा अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए जल्द से जल्द इस स्थल को उसके चंगुल से मुक्त किया जाए। ग्रामीणों ने इसकी प्रतिलिपि गालूडीह थाना प्रभारी को भी दी है। अंचलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते वक्त ग्राम प्रधान महेश्वर मुर्मू, सिदो राम मुर्मू, संदीप मुर्मू, सुरई हेंब्रम, रमई मुर्मू, लालमोहन मुर्मू, नकुल सबर, गुरुवारी सोरेन, सालगे हांसदा, दुर्गी सोरेन सहित सैकड़ो लोग शामिल थे।










