मुज़फ़्फ़रपुर: जिले के चर्चित RTI एवं सामाजिक कार्यकर्ता देवव्रत कुमार साहनी को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई दर्ज मामले और वारंट के आधार पर की गई है, जबकि उनके जानने वाले इस कार्रवाई के समय और परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
देवव्रत कुमार साहनी हाल के महीनों में कई चर्चित मामलों को लेकर लगातार सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने चंदवारा घाट पुल निर्माण में कथित अनियमितताओं, सरकारी विभागों के उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) से जुड़े मुद्दों तथा बूढ़ी गंडक नदी में कथित पर्यावरणीय उल्लंघनों को लेकर विभिन्न सक्षम संस्थाओं के समक्ष शिकायतें और कानूनी कार्रवाई की थी।
गिरफ्तारी के बाद लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि गिरफ्तारी का संबंध उनके सामाजिक या कानूनी अभियानों से है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी मामला लंबित है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जनहित के मुद्दे उठाने वाले नागरिकों के अधिकारों का संरक्षण हो और किसी भी कार्रवाई पर अनावश्यक संदेह की स्थिति उत्पन्न न हो।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि न्यायालय में पुलिस क्या साक्ष्य प्रस्तुत करती है और देवव्रत कुमार साहनी की ओर से क्या कानूनी पक्ष रखा जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगाए गए आरोपों में दम है, तो उसकी निष्पक्ष जांच भी उतनी ही आवश्यक होगी, जितनी कि दर्ज मामले की निष्पक्ष सुनवाई।









