
चीनी सेना के साथ मुठभेड़ में गलवान घाटी में हुए थे शहीद
उमेश कांत गिरि.स्पेशल संवाददाता.घाटशिला झारखंड
घाटशिला: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गलवान घाटी में देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए शहीद गणेश हांसदा को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। पूर्व सैनिक एवं अर्धसैनिक सेवा परिषद, घाटशिला से जुड़े हवलदार रघुनाथ हांसदा और सेना मेडल से सम्मानित हवलदार सुरेश बास्के उनके गांव कोसफालिया, केरूकोचा पहुंचे। दोनों पूर्व सैनिकों ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के साथ हिस्सा लिया।

देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की याद
गणेश हांसदा भारतीय सेना के उन 20 जवानों में शामिल थे, जिन्होंने जून 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक झड़प के दौरान कर्तव्य निभाते हुए अपना जीवन देश के नाम कर दिया था। वे पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के कोसफालिया गांव के रहने वाले थे। 12 अक्टूबर को जन्मे शहीद गणेश हांसदा ने जमशेदपुर के LBSM Collage से NCC का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया था। उनकी शहादत के बाद परिवार और स्थानीय स्तर पर उनके सम्मान तथा स्मृति में कई प्रयास किए गए हैं।
गांव और नई पीढ़ी के लिए हैं प्रेरणाश्रोत
शहीद की स्मृति में विकसित किए गए पार्क और स्कूल स्थानीय बच्चों को उनके जीवन और देशसेवा से परिचित कराने का माध्यम बनी हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूर्व सैनिकों द्वारा बच्चों के साथ शहीद को श्रद्धांजलि देना इसी परंपरा का हिस्सा बना।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। शहीदों की गाथा नई पीढ़ी को देशभक्ति, अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश देती है।
शहीद गणेश हांसदा पर बनी है फिल्म
शहीद गणेश हांसदा के जीवन और बलिदान पर एक फिल्म भी बनी है। गांव वालो ने बताया कि ‘गलवान वीर: द फाइटर गणेश हांसदा’ नाम की फिल्म जो कि संथाली और हिंदी भाषाओं में बनाई गई है। फिल्म का निर्देशन सुरेंद्र टुडू ने किया है और गणेश हांसदा का किरदार उनके बड़े भाई दिनेश हांसदा ने निभाया है।
15 अगस्त 2027 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीद गणेश हांसदा की प्रतिमा पर माल्यार्पण का यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों और स्कूली बच्चों के लिए देश की सुरक्षा में जवानों के योगदान को याद करने का अवसर बना। कार्यक्रम में शहीद के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके बलिदान को सदैव याद रखने का संकल्प लिया गया।










