अमेरिका ईरान के बीच war 2.0 की शुरुआत हो गई है। अमेरिका के अपाचे हेलिकॉप्टर और बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद ट्रंप आग बबूला हो गए हैं। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अब ईरान के पावर स्टेशन और पुल पर हमला करेगा। जिसके बाद इस बात की प्रबल संभावना है कि भारत में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम फिर से बढ़ेंगे
शांति समझौते की बातचीत के बीच ईरान द्वारा बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए मिसाइल व ड्रोन हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर नए हमलों की तैयारी करने के आदेश दिए हैं। एक न्यूज चैनल के संवाददाता द्वारा पूछे गए सवाल पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि “मैं ईरानी बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले के आदेश देने के बेहद नजदीक हूं।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राजनयिक प्रयास विफल रहे तो अमेरिका अपना सैन्य अभियान और तेज कर देगा। ट्रंप ने कहा कि उनके पास समझौता कर बच निकलने और मौका था। लेकिन अब ईरान को हमलों की कीमत चुकानी पड़ेगी।
ईरान का पलटवार
गौरतलब है कि अमरिक ने शांति समझौते के बीच हॉर्मूज स्ट्रेट वे खुलवाने को लेकर ईरान के कुछ जगहों पर अमेरिका ने हमले किए थे। इसको लेकर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी कर रहे अपाचे हेलिकॉप्टर को निशाना बनाया। जिसके बाद अपने ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली। पूरे खाड़ी क्षेत्र में वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं। जॉर्डन ने अल-अजराक अड्डे की ओर आने वाली मिसाइलों को रोक लिया, जबकि बहरीन और कुवैत ने भी हमलों को विफल करने की पुष्टि की है।
हमले से भारत पर असर
इस घटनाक्रम के बाद अप्रैल से लागू युद्धविराम के बाद अब दोनों के बीच फिर से युद्ध होने के खतरे बढ़ गए हैं। इस युद्ध के शुरू होने के बाद अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत जैसे देशों में फिर से पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ सकते हैं। अभी 2 दिन पहले ही भारत सरकार ने गैस सिलेंडर के दाम में 29 रुपए का इजाफा किया था।
तनाव कम करने की कोशिश
इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बार-बार छिटपुट हमलों के बाद वह अमेरिका के साथ संबंधों का पुनर्मूल्यांकन करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि किसी भी राजनयिक प्रक्रिया के लिए न्यूनतम स्थिर वातावरण जरूरी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बढ़ते तनाव के बावजूद बातचीत के रास्ते अभी खुले हैं।










