बंगाल: तृणमूल का कांग्रेस में होगा विलय..! बंगाल में बड़ी हार के बाद ममता के सहयोगियों ने भी छोड़ा साथ

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ममता तृणमूल को कांग्रेस में विलय करने का रही है। सूत्रों के हवाले से जो खबर निकलकर सामने आ रही है उसके अनुसार बंगाल के चुनाव में बड़ी हार के बाद उनके सहयोगियों में एक-एक करके ममता का साथ छोड़ दिया इसके बाद ममता की छवि धूमिल होती देख तृणमूल कांग्रेस ने ऐसा फैसला लिया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी टूट हुई है। लगभग 60 विधायक और 20 से ज्यादा सांसदों ने भी अपने बगावती तेवर दिखा दिए हैं। इस टूट से परेशान ममता बनर्जी को सोनिया गांधी ने विलय का ऑफर दिया था, जिसे वह मानने को तैयार हो गई हैं। एबीपी न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ममता बनर्जी TMC का कांग्रेस में विलय करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी के साथ बैठक कर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की सीट मांग ली है। उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी को कांग्रेस राज्यसभा भेजे और वहां नेता विपक्ष का पद भी दे। अभी राज्यसभा में नेता विपक्ष का पद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पास है।

तृणमूल में टूट की वजह

अब इस टूट की वजह और जड़ को समझने की जरूरत है। आपको यहां टूटने की जड़ को बता देते हैं कि इसकी जड़ में खुद अभिषेक बनर्जी हैं। इस टूट की शुरुआत बिधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता चुने जाने के दिन ही तय हो गई थी। बगावत करने वालो विधायकों ने बताया था कि विधानसभा में विपक्ष के नेता का चुनाव बिना किसी विचार विमर्श या संगठन के बैठक के किया गया था। इसमें अभिषेक बनर्जी द्वारा हस्ताक्षरित पत्र विधानसभा सचिवालय को लिखा गया था जिसमें बताया गया कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता पद के लिए नामित किया गया है। लेकिन TMC के ही विधायकों ने इस पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पत्र में कुछ विधायकों के हस्ताक्षर नकली है जो किसी अन्य किया है । इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने इसकी जांच  पश्चिम बंगाल सीआईडी को सौंपी गई। इस टूट की पटकथा उसी दिन लिख दी गई थी और यह पत्र ही तृणमूल कांग्रेस में टूट की वजह बनी।

विलय के पहले की घटनाक्रम

इसी बीच INDI गठबंधन में शामिल पार्टियों की बैठक दिल्ली में हुई। इसके पहले मंगलवार को 10 जनपथ पर हुई इस बैठक से एक दिन पहले, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की थी। इस बैठक में सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को TMC को कांग्रेस में विलय करने पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव दिया था, जबकि अभिषेक बनर्जी को कांग्रेस महासचिव का ऑफर दिया गया है। हालांकि, इस ऑफर पर विचार करने के लिए ममता बनर्जी ने कुछ दिनों का समय मांगा है।

हालांकि इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने नेता विपक्ष लोकसभा राहुल गांधी से बुधवार को मुलाकात कर एक शर्त रख दी है कि टीएमसी कांग्रेस में विलय तभी करेगी जब ममता बनर्जी को राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद दिया जाए जो अभी कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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