जम्मू कश्मीर से एक दुर्दांत आतंकवादी को पकड़ा गया है। पाकिस्तानी आतंकवादी उस्मान उर्फ जट्टी भारत आकर अपना मकसद ही भूल गया। पाकिस्तान में ट्रेनिंग के दौरान कश्मीर की जो तस्वीर दिखा कर उसे भारत में खून खराबे के लिए भेजा गया था वैसे हालत उसे नहीं दिखे।

पाकिस्तानी आतंकवादी उस्मान उर्फ जट्टी भारत आया तो था हिंसा फैलाने के लिए, लेकिन कश्मीर के हालात देख उसको अपनी झड़ते बालों की समस्या याद आ गई। लश्कर-ए-तैयबा का यह आतंकवादी मोहम्मद उस्मान उर्फ चीनी उर्फ जट्टी, हिंसा के मकसद को ही भूल गया। दरअसल यह आतंकवादी बालों के झड़ने की समस्या से परेशान था। कश्मीर की तकनीक को देख इसने श्रीनगर के एक hair Transplant क्लीनिक में hair Transplant करवाया। और यही से इंटेलीजेंस को ऐसा सुराग मिला कि यह सेना की पकड़ में आ गया।
निजी संवाददाता के रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद उस्मान जट्ट उर्फ ‘चीनी’ को अप्रैल में श्रीनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान चीनी ने जो जानकारी दी उससे आतंकवादियों के एक बड़े मॉड्यूल का भांडा फोड़ हुआ है। उस पूछताछ की रिपोर्ट 18 मई को सार्वजनिक की गई है। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों की जानकारी के अलावा चीनी ने अपने कुछ निजी राज भी खोले।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आतंकवादी जट्टी ने बताया कि पाकिस्तान में ट्रेनिंग के दौरान उसे और अन्य को जम्मू-कश्मीर के कुछ वीडियो दिखाए गए थे। लेकिन जब वह भारत आया, तो कश्मीर की तस्वीर बिलकुल अलग थी। अधिकारियों के मुताबिक, चीनी अपने शुरुआती दिनों से ही बाल झड़ने की समस्या से पीड़ित था, जिसकी वजह से उसका आत्म विश्वास बुरी तरह से हिला हुआ था। उसे लगता था कि इसका इलाज केवल पश्चिमी देशों में ही संभव है। लेकिन कश्मीर के हालात और तकनीक देखने के बाद उसे बड़ा अचरज हुआ।
उस्मान के मुताबिक, रेकी के क्रम में उसके एक पाकिस्तानी आतंकवादी साथी जरगाम ने उसकी मुलाकात जम्मू-कश्मीर के एक दुकानदार से करवाई थी। वहीं से उसे हेयर ट्रांसप्लांट की जानकारी मिली क्योंकि उस दुकानदार ने पहले से ही हेयर ट्रांसप्लांट करा रखा था। ऐसे में बाल लगवाने की उसकी वर्षों पुरानी इच्छा जाग गई।
इसके बाद चीनी ने दुकानदार की सहायता से क्लीनिक तक पहुंच बनाई और फिर इसके बाद अपना हेयर ट्रांसप्लांट करवाया। इसके बाद वह श्रीनगर से जम्मू लौट गया। यहां पर उसने हिंसा फैलाने के लिए लोगों को भर्ती करने की कोशिश की। लेकिन बाद में फर्जी पैनकार्ड और आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया के दौरान वह सुरक्षा कर्मियों के निशाने पर आ गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।










