समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत आने वाला कांटी रेलवे स्टेशन अपने मूलभूत सुविधाओं की बाट जोह रहा है। आम यात्रियों के लिए स्टेशन पर पेयजल से लेकर शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। गंदगी का अम्बार लगा रहता है।

मुजफ्फरपुर जिले में आने वाला समस्तीपुर मंडल का कांटी स्टेशन आजादी के 79 साल बाद भी अपनी बदहाली पर आंशू बहा रहा है और यात्री हलकान और परेशान हो रहे हैं। 1930 से परिचालित कांटी रेलवे स्टेशन अगले 4 साल के बाद अपनी 100वीं वर्षगांठ मनाएगा। लेकिन इस स्टेशन पर अब तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
कांटी स्टेशन से हजारों यात्री यात्रा करते हैं बावजूद इसके स्टेशन पर ना तो उत्तम पेयजल की व्यवस्था है ना ही शौचालय की। यात्री विश्रामालय में तो स्थिति बद से बदतर है। गंदगी का अम्बार लगा रहता है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है खासकर विद्यार्थी और महिलाओं को इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कांटी विकास संघर्ष समिति अध्यक्ष पिनाकी झा ने बताया कि रेल विभाग को कई बार पत्र व फोन से सूचना देकर शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों के निकम्मेपन के कारण स्टेशन की स्थिति नारकीय बनी हुई है। यहां तक कि स्थानीय विधायक और सांसद तक से रेलवे स्टेशन की स्थिति को सुधरवाने की गुजारिश की गई, लेकिन इनकी तरफ से भी अब तक कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है।
सब से बदतर स्थिति तो शाम में हो जाती है। स्टेशन पर सही से बिजली की व्यवस्था नहीं रहने से लूट छिनतई की भी घटना आए दिन होती रहती है। इसको लेकर रेल प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई होती दिख नहीं रही है। स्थानीय लोगों ने भी स्टेशन पर कई सुविधाओं को लेकर समस्तीपुर मंडल और पूर्व मध्य रेलवे जोन को लिखा, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अबतक कुछ भी नहीं हुआ है। कोशीश है कि खबर लिखे जाने के बाद कांटी रेलवे स्टेशन और यात्रियों के लिए कुछ बेहतर हो पाए।










