आखिर बंगाल का पुष्पा झुक गया। सुकुमार ने अपने फिल्मी किरदार पुष्पा को कभी झुकने नहीं दिया। लेकिन फाल्टा का यह जीता जागता इंसान जिसने खुद को पुष्पा की संज्ञा दी थी, आखिरकार झुक गया। और रिपोलिंग से ऐन पहले उसने अपना नाम वापस ले लिया।

हम बात कर रहे है पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र की। यहां भी विधानसभा चुनाव के दौरान वोटिंग हुई थी। लेकिन चुनाव में गड़बड़ी होने की सूचना चुनाव आयोग तक पहुंच गई। इसके बाद चुनाव आयोग ने जांच के लिए एक टीम भेजी। उसे टीम ने जांच कर कहा कि यहां पर बहुत बड़े पैमाने पर लगभग हर बूथ पर गड़बड़ी हुई है। फाल्टा सीट पर भारी अनियमितताओं की शिकायतों के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने सभी 285 मतदान केंद्रों पर मतदान रद्द कर दिया था।
24 परगना जिला और डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र का ये फाल्टा विधानसभा क्षेत्र हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हमलोग के ऊपर चुनाव में वोट डालने पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इसके बाद चुनाव आयोग ने फाल्टा विधानसभा का चुनाव रद्द कर 21 मई को रिपोलिंग की तारीख रख दी।
में 21 मई को रिपोलिंग होना है। लेकर चुनाव प्रचार के अंतिम दिन TMC के उम्मीदवार जहांगीर खान ने अपना नाम ही वापस ले लिया। इसके बाद अब यह कहा जाता है की सुकुमार का किरदार पुष्पा तो झुका नहीं टीएमसी का उम्मीदवार जिसने खुद को पुष्पा कहा था आखिरकार झुक गया।
उनके इस कदम से भारतीय जनता पार्टी को फाल्टा में एकतरफा जीत मिलने की संभावना है। जहां एक ओर विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने खान के निर्णय से दूरी बनाते हुए इसे उनका निजी फैसला करार दिया और आरोप लगाया कि चुनाव के बाद फाल्टा में भय का माहौल है। वहीं, दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के मुख्यंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि खान को कोई मतदान एजेंट नहीं मिल पाया, जिसके कारण वह चुनाव मैदान से भाग गए।
आपको यहां चुनाव के वक्त हुए एक घटना की याद दिलान जरूरी है। मतदान से पहले जहांगीर खान ने पुलिस पर्यवेक्षक अजयपाल शर्मा को सार्वजनिक रूप से चुनौती भी दी थी और कहा था कि पुष्पा की तरह वह भी कभी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। खान के चुनाव मैदान से पीछे हटने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं दोनों ने ही कहा कि एक उम्मीदवार जिसने कभी न झुकने का वादा किया था, अब खुद चुनाव मैदान से पीछे हटता हुआ दिखाई दे रहा है।










