झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द होने के बाद बवाल, नौकरी से हटाए गए अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

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22 प्रतियोगी परीक्षाओं में 2627 पदाधिकारियों और कर्मचारियों का भविष्य अधर में

रांची: झारखंड सरकार की ओर से 2014 से अबतक आयोजित हुए 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद नियुक्त अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। बुधवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने रांची के धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के सुरक्षा घेरा पार कर परिसर में प्रवेश करने की बात सामने आ रही है। जिसके बाद भवन के आसपास तनाव की स्थिति बन गई।

सरकारी सेवा में कार्यरत प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी सरकार से परीक्षा रद्द करने के फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की है। और साथ ही उनकी नियुक्तियों को वापस बहाल करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई अभ्यर्थियों ने निर्धारित प्रक्रिया और न्यायिक आदेशों के बाद नौकरी ज्वाइन की थी। कुछ अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्होंने पुरानी नौकरियां छोड़ सरकारी नियुक्ति हासिल की है।

नियुक्त अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल

सरकार के फैसले के बाद अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्त हुए 2,627 पदाधिकारियों और कर्मचारियों के भविष्य प्रभावित होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें सबसे बड़ी संख्या JSSC CGL के जरिए नियुक्त अभ्यर्थियों की है।

बताया जा रहा है कि JSSC CGL में सफल 1,932 अभ्यर्थी विभिन्न विभागों में काम कर रहे हैं। इसके अलावा 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा के माध्यम से नियुक्त 342 अभ्यर्थी भी प्रभावित होने वालों में शामिल हैं।

इसी तरह खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के 54, CDPO के 62 और महिला पर्यवेक्षिका के 237 पदों पर नियुक्त अभ्यर्थियों की नौकरी पर भी फैसले का असर पड़ने की बात सामने आ रही है।

प्रोजेक्ट भवन के पास बढ़ा तनाव

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपने भविष्य को लेकर चिंता जताई। प्रदर्शनकारियों में कुछ लोग जमीन पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर गुहार लगाते भी नजर आए।

इधर तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं।

सरकार ने 2014 के बाद की परीक्षाओं को किया रद्द
सरकार के फैसले में विभिन्न वर्षों में आयोजित JPSC और JSSC से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल बताई गई हैं। इनमें कुछ परीक्षाओं को रद्द करने, कुछ भर्तियों को स्थगित करने और कुछ मामलों में जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जानकारी सामने आई है।

रद्द या जांच के दायरे में बताई गई परीक्षाओं में संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा, सिविल जज भर्ती, कृषि विभाग से जुड़ी नियुक्तियां, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी भर्ती, दंत चिकित्सक भर्ती, सहायक अभियंता भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं।

अभ्यर्थियों की मांग “नियुक्तियों पर स्पष्ट फैसला हो”

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि किसी परीक्षा को लेकर अनियमितता की जांच करनी है तो जिम्मेदारी तय की जाए, लेकिन उसके आधार पर पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।

फिलहाल पूरे मामले में सरकार के अगले कदम पर सबकी नजर है। नियुक्त अभ्यर्थी अपने रोजगार और भविष्य को लेकर स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं, जबकि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों की जांच और कानूनी स्थिति आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा तय कर सकती है।

डिस्क्लेमर: परीक्षा रद्द करने और नियुक्तियों पर असर से जुड़े आंकड़े सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। अंतिम निर्णय संबंधित सरकारी आदेश, न्यायालय के निर्णय और आधिकारिक अधिसूचनाओं के अनुसार ही तय होगी।

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