बंगाल: ममता बनर्जी को बड़ा झटका..टूट गई तृणमूल कांग्रेस; खुद को बताया मुख्य विपक्षी दल

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पश्चिम बंगाल: 15 सालों से बंगाल पर राज करने वाली तृणमूल कांग्रेस आखिर टूट ही गई। इस टूट से ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। तृणमूल से टूटकर अलग हुए विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता बनाया।

चुनाव के शुरुआत से लेकर अब तक बंगाल में खेला खत्म होंने का नाम ही नहीं रहा है। चुनाव के दरम्यान नेताओं को चुनाव के बाद देख लेने के धमकी, CRPF को लेकर राजनीति कि “ये कब तक रहेंगे”, के बाद ममता की काउंटिंग के दिन खुद पर हमला बताना, बाद के दिनों में अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हमला तथा मदन मित्रा के आवास पर तलाशी मतलब बंगाल के ‘खेला’ कि मशहूरियत यूं ही नहीं है।

तृणमूल में टूट से ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में बड़ा झटका लगा है। टीएमसी से टूटकर अलग हुए बागी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता चुना है। ऋतब्रत बनर्जी ने इसको लेकर बयान देते हुए कहा कि तृणमूल विधायक दल में 58 विधायक है, और 2 विधायक 1-2 दिनों में जुड़ने वाले हैं। जावेद खान, संदीपन साहा, सबीना यास्मीन और शिउली साहा तृणमूल कांग्रेस विधायक दल के उपनेता होंगे। ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि हम बंगाल सरकार की उन नीतियों का विरोध करेंगे जो हमें गलत लगेगी, लेकिन बेवजह विरोध नहीं करेंगे। इसके पहले तृणमूल कांग्रेस विधायक अखरुज्जमां ने कहाकि विपक्ष के नेता के चुनाव में पार्टी नेतृत्व ने प्रक्रिया का पालन नहीं किया था।

ममता बनर्जी से अभी भी आस
इसके साथ ही ऋतब्रत ने कहा कि हम ममता बनर्जी से अनुरोध करते हैं कि वह तृणमूल कांग्रेस विधायक दल की मुख्य सलाहकार की भूमिका निभाएं। उन्होंने खुद को  पश्चिम बंगाल विधानसभा का असली और मुख्य विपक्षी बताया। ऋतब्रत ने यह भी कहाकि पश्चिम बंगाल के विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक दल का दर्जा देने की तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट की मांग को स्वीकार कर लिया है।

ऋतब्रत का विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात
इससे पहले सदन में विपक्षी खेमे के शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदलने वाले एक कदम के तहत, ऋतब्रत बनर्जी ने बागी विधायक संदीपन साहा और अन्य असंतुष्ट विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और 58 विधायकों के हस्ताक्षर वाले समर्थन पत्र सौंपे। बागी गुट ने एक नए नेतृत्व ढांचे का भी प्रस्ताव रखा था, जिसमें ऋतब्रत बनर्जी को विपक्षी विधायक दल का नेता, जावेद खान, संदीपन साहा और शिउली साहा को उपनेता तथा रघुनाथगंज के विधायक अखरुज्जमां को मुख्य सचेतक नामित किया।

बहरहाल 20 विधायक अब ममता बनर्जी के साथ हैं क्योंकि 2 विधायकों को ममता बनर्जी ने खुद ही पार्टी से निष्कासित किया था। चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद जिस तरीके TMC के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में एक डर का माहौल है। और इसका असर भी सात साफ दिख रहा है जिसके कारण वह कट मनी को भी वापस कर रहे हैं।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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