अमेरिका ईरान युद्ध से बिहार को बड़ा झटका लगा है। बिहार में वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाणिज्यकर विभाग को VAT के तहत होने वाली कमाई में 500 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाने में भी बिहार सरकार को 600 करोड़ का नुकसान हुआ है।
अमेरिका इजराइल ईरान युद्ध से बिहार में समान ढुलाई में बड़ी कमी आई है, जिसका सीधा असर डीजल की बिक्री पर पड़ा है। डीजल की बिक्री की कमी का एक बहुत बड़ा कारण बिजली की उपलब्धता भी है। साथ ही डीजल की बिक्री में कमी होने का एक और कारण बिहार सरकार की खुद की नीति जिसमें सरकार ने 15 साल पुराने वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दिया है। जिसका सीधा असर सरकार को साल 2025-26 के वित्तीय वर्ष में VAT के तहत प्राप्त होने वाले 500 करोड़ के राजस्व से हाथ धोना पड़ा है।
वाणिज्य कर विभाग के अनुसार साल 2024-25 में पेट्रोलियम उत्पादों से 10517.16 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह हुआ था, वहीं 2025-26 में यह 4.56 प्रतिशत घट कर 10037.38 करोड़ रुपए पर रह गया इस दौरान इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में भी कमी आई है।2024-25 के वित्तीय साल में इलेक्ट्रिसिटी से 1514.41 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था जो 2024 25 में 983.81 करोड रुपए ही हो पाया। विद्युत से प्राप्त होने वाले राजस्व में भी लगभग 600 करोड रुपए की कमी आई है।
बिहार में कृषि कार्यों के लिए मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना के तहत किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए समर्पित कृषि फील्डर से कनेक्शन दिया जा रहा है और इससे प्राप्त होने वाली बिजली किसानों को 55 से 75 पैसे प्रति यूनिट के लिए रियायती दर पर मिलता है। इससे कृषि क्षेत्र में होने वाले डीजल की खपत में कमी आई है। राज्य में 3000 कृषि फीडर में से 2500 फीडर चालू हो चुके हैं जो सौर ऊर्जा पर आधारित है। इससे राज्य के किसानों की कृषि में होने वाले खर्चे में भी कमी आई है। रिहायती दर पर प्राप्त होने वाली बिजली उपलब्धता, डीजल पंपों की तुलना में बहुत ही सस्ती है।
मुजफ्फरपुर, पटना और गया में 15 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और डीजल ऑटो को सीएनजी इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जा रहा है इससे राज्य में डीजल पर निर्भरता कम हो रही है साथ हीं राज्य में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिल रही है।
अमेरिका ईरान युद्ध के बीच हो रहे युद्ध के कारण आने वाले साल 2026-27 में VAT से प्राप्त होने वाले राजस्व के संग्रहण में और कमी आने की संभावना है। बिहार के कई जिलों में डीज़ल की आंशिक अनउपलब्धता ने लोगों को संकट में डाला ही वही सरकार की आय पर भी डाका है। वहीं अधिकारियों ने कहा है की बिहार में भले ही राजस्व में कमी हो रही हो लेकिन जीएसटी में राजस्व से बढ़ोतरी, अर्थव्यवस्था को और मजबूत होने का संकेत देता है










