CBSE 12 वीं के परीक्षा परिणाम में भारी गड़बड़ी के बीच बोर्ड के चेयरमैन और सचिव को पद से हटा कर तबादला कर दिया है। यह तबादला OSM की चल रही जांच के बीच किया गया है।

NTA द्वारा ली गई NEET UG 2026 परीक्षा की विषमता से अबतक पर्दा नहीं उठा है और न ही अबतक किसी जिम्मेवारी या आरोप तय किया गया है। लेकिन इसी बीच CBSE द्वारा 12th 2026 परीक्षा के कॉपी जांच के क्रम में आए खामियों को लेकर मोदी सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव को पद से हटा दिया है। नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम और री-इवैल्यूएशन पोर्टल में आई गंभीर तकनीकी खामियों के बाद मोदी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए यह कदम उठाया है। छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए इसे सीबीएसई के इतिहास में इस तरह का संभवतः अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।
जिस तरीके की गड़बड़ी हुई थी उसमें राहुल सिंह कैसे सम्मिलित थे अभी तक सरकार के द्वारा इसके बारे में कुछ भी खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन चूंकि सरकार की इस मामले में बुरी तरह से भद्द पीट गई थी तो उसमें पहली करवाई के तौर पर चेयरमैन राहुल सिंह की कुर्बानी दे दी गई। लेकिन सरकार ने अब तक ये नहीं बताया है कि जिस निजी एजेंसी को OSM मूल्यांकन की कार्यवाही सौंपी गई थी, उससे कुछ पूछताछ की गई है या नहीं। क्यूंकि इस एजेंसी से जो एग्रीमेंट हुआ था उसके अनुसार 25 रुपए पर OSM के दर पर यह ठेका दिया गया था। सरकार के अंदर के लोग इस एग्रीमेंट शामिल थे या किसी की सिफारिश पर यह एग्रीमेंट तो नहीं किया गया। वैसे यह बता दें कि Coempt EduTeck Pvt Ltd हैदराबाद की कंपनी है जिसने TCS को पछाड़कर कर यह टेंडर हासिल किया था।
डॉ. प्रमोद कुमार शिक्षक सह टेलीकॉउंसलर का कहना है कि CBSE में पढ़ाई के तरीके और सिलेबस को लेकर जो बदलाव अभी देख रहे हैं वह सारी राहुल सिंह के द्वारा ही करवाई गई है। सीबीएसई की शिक्षा को इन्होंने विश्व स्तरीय बनाने की कोशिश की है क्योंकि इससे विदेशों के विद्यालय भी संबद्ध हैं और उसको लेकर कई तरह के परिवर्तन भी इनके द्वारा किया गया है। राहुल सिंह व्यक्तिगत स्तर पर काफी ईमानदार प्रवृति के व्यक्ति हैं। लेकिन यह चूक कहां और कैसे हुआ यह जांच का विषय है।
री-इवैल्यूएशन पोर्टल फिर से शुरू
इसी बीच, वैसे छात्र जिन्होंने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त कर ली हैं, उनके लिए सीबीएसई ने मंगलवार को छात्रों के लिए ऑनलाइन री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियों में समस्याओं के सत्यापन का पोर्टल शुरू कर दिया है। पोर्टल 2 जून 2026 मंगलवार से 6 जून 2026 शनिवार तक खुली रहेगी। रविवार की तारीख शुरू होने के बाद कोई भी प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी। छात्रों को सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर आधार नंबर के माध्यम से लॉगिन करके ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पूरी प्रक्रिया, शुल्क भुगतान सहित, डिजिटल माध्यम से ही पूरी होगी।
5 तरह की समस्याओं के लिए कर सकते हैं आवेदन?
1. पन्ने गायब होना
2. अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका गायब होना
3. मानचित्र या ग्राफ गायब होना
4. धुंधले पन्ने
5. गलत उत्तर पुस्तिका या गलत प्रश्नपत्र सेट पर मूल्यांकन
उत्तरपुस्तिका और सवाल मूल्यांकन fee:–
1. उत्तर पुस्तिका की स्कैन प्रति में समस्याओं के सत्यापन के लिए: 100.00 प्रति उत्तर पुस्तिका जो कि पहले 700 रुपए fee लगता था।
2. उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए: 25.00 प्रति प्रश्न
शुल्क का भुगतान online माध्यम जैसे कि UPI, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग से ही किया जा सकता है।
सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि आवेदन सबमिट करने से पहले सभी विषयों से संबंधित अनुरोधों को शामिल कर अच्छे से पढ़ लें। एक बार ‘फ्रीज एंड प्रोसीड टू पेमेंट’ बटन दबाने के बाद आवेदन लॉक हो जाएगा और उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। क्योंकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र को अपनी सारी विषयों की जानकारी के लिए आवेदन करना हो कर सकते हैं लेकिन यह एक बार में ही करना होगा। सबमिट होने के बाद कोई भी सुविधा नहीं मिलेगी।










