डीएमके विधायक उदयनिधि स्टालिन का हिंदूत्व पर हमला; “सनातन के खात्मे की कही बात”

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आखिर यह क्या हो रहा है भारत में सनातन की खिलाफत ही आखिर क्यों, क्यूं आखिर रामचरित मानस और मनुस्मृति को ही फाड़ा और जलाया जा रहा है। कहा जाता है कि भारत का भूभाग ही सनातनियों की उत्पत्ति और उनकी एकमात्र जमीन है। बावजूद इसके भारत के लोग और राजनीतिक दल ही सनातन संस्कृति और धर्म के खिलाफ ही क्यूं साजिश और राजनीति करते हैं।

ताजा मामला तमिलनाडु का है, जहां विधानसभा में डीएमके की तरफ से नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म के खिलाफ फिर से जहर उगला है। उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान ने एक बार फिर राजनीतिक और धार्मिक बहस को तेज कर दिया है। आपको ताजा बयान सुनाने के पहले उनके पहले के बयान उनके पूरा के बयान को सुनाते है जहां उन्होंने अपने एक कार्यक्रम में कहा था कि “सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए। सनातन धर्म ‘सामाजिक बुराइयों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए इसे समाज से खत्म करने की बात कही थी।

इतने के बाद भी उदयनिधि यही नहीं रुके। उन्होंने “सनातन धर्म लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांटने वाला विचार है, इसे खत्म करना मानवता और समानता को बढ़ावा देना है।” साथ ही उदयनिधि ने सनातन पर हमला बोलते हुए कहा था,”जिस तरह हम मच्छर,डेंगू, मलेरिया और कोरोना को खत्म करते हैं उसी तरह सिर्फ सनातन धर्म का विरोध करना ही काफी नहीं है. इसे समाज से पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए।”

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जिसके बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं थी। उसके बाद उदयनिधि ने 12 मई 2026 को भरे विधानसभा में जहां बीजेपी का विधायक भी मौजूद थे जिनके सामने उन्होंने सनातन को लेकर फिर से वही बयान बाजी की जो उन्होंने 2023 में कहा था।

इसके बाद कई धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने इस बयान को हिंदू आस्था का अपमान बताया। गरीबनाथ मंदिर मुजफ्फरपुर के प्रधान पुजारी विनय पाठक ने सनातन को लेकर कहा कि उदयनिधि को मानसिक दिवालियेपन का शिकार बताया। विनय पाठक का कहना था कि सनातन धर्म से ज्यादा जीने की शैली और संस्कृति है। संतान तोड़ने की नहीं बल्कि जोड़ने का काम करता है। सनातन संस्कृति खुले दिल और खुली बाहों से सबको अपनाता है चाहे वो कोई धर्म है या कोई संप्रदाय।

इस मुद्दे पर देश की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी समेत कई दलों ने Dravida Munnetra Kazhagam और उसके नेताओं पर हिंदू विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया है। मुजफ्फरपुर जिला बीजेपी महिला मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. मोनालिसा ने कहा कि सनातन एक विचारधारा है जिसे खत्म ही नहीं किया जा सकता। सनातन हिंदुत्व का ही नहीं बल्कि सर्वधर्म का आधारस्तम्भ है। वहीं विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए बयान का समर्थन भी किया।
सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा लगातार ट्रेंड कर रहा है। एक ओर लोग सनातन धर्म के समर्थन में अभियान चला रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ लोग इसे सामाजिक सुधार की बहस से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल यह बयान राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा विवाद बन चुका है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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