क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोलियम उत्पादों के दाम; मोदी सरकार की नियंत्रण के बीच उठे सवाल

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हॉर्मूज पर बर्चस्व को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच संभावित युद्ध को लेकर दुनियाभर में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता में डाल दिया हैं। कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं और ऐसे में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पर काफी दबाव गया है। इस संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से पेट्रोल डीजल का संयम से इस्तेमाल करने की अपील की है।

इस परिस्थित को देखते हुए पीएम मोदी ने देश के लोगों से तेल बचाने की अपील की है। साथ ही सोने की खरीद को लेकर भी मोदी ने देशवासियों को कुछ हिदायतें दी है। इसी बीच सरकार ने सोने और महंगे मेटल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा इसकी खरीद को नियंत्रित करने का प्रयास किया है। ईंधन सप्लाई और बढ़ते आयात शुल्क पर लगाम के लिए सरकार चाहती है कि वर्चुअल मीटिंग्स, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल और वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाए। इसके अलावा भव्य सरकारी आयोजनों पर भी लगाम की तैयारी है। उदाहरण सेट कर सरकार इन सब प्रयासों से अपने मंत्रियों और अफसरों पर भी पाबंदियां लागू करने जा रही है।

पीएम की अपील के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को मंत्रियों, विधायकों और दूसरे नेताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले सरकारी गाड़ियों की संख्या कम करने की घोषणा की है। गुप्ता ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और ईंधन बचाने की अपील की है। उन्होंने कहा, “मैं और मेरे सभी कैबिनेट सहयोगी, भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक, जनप्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के अधिकारी और सभी विभाग भी कारपूल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता देंगे।”

MP में CM ने भी मोदी की अपील पर घटाया काफिला: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर अमल करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दिया है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों से राष्ट्रीय हित में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
CM योगी आए एक्शन मोड में
वहीं CM योगी भी एक्शन में आ गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रधानमंत्री के अपील को राज्य में व्यावहारिक रूप से अपनाने की अपील की है। उन्होंने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों के साथ बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तत्काल 50 प्रतिशत तक कमी की जाए। उन्होंने पीएनजी, मेट्रो रेल, सार्वजनिक परिवहन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के अधिक उपयोग पर जोर दिया।
महाराष्ट्र में CM फडणवीस का आदेश
महाराष्ट्र सरकार ने भी कुछ बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में आदेश जारी कर सरकारी विमानों और हेलीकॉप्टरों का उपयोग केवल अत्यधिक आपात स्थिति या सुरक्षा से जुड़े मामलों में ही करने को कहा है। इसके अलावा मंत्रियों और बड़े अधिकारियों को मीटिंग के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल करने को कहा गया है। साथ ही यात्रा के लिए लोकल बस या रेल का सहारा लेने को कहा है।

*केंद्र सरकार के विभाग भी पेश कर रहे उदाहरण*

ईंधन बचाने के लिए केंद्र सरकार के कई विभागों में ‘वर्क फ्रॉम होम’ मॉडल फिर से लागू किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय और आईटी मंत्रालय ने अपने कई स्टाफ को घर से काम करने की इजाजत दे दी है ताकि उनके यात्रा में खर्च होने वाले पेट्रोल-डीजल की बचत हो सके। इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में बिजली बचाने के लिए सुबह और शाम के वक्त AC न चलाने की सख्त हिदायत दी गई है। सरकार की कोशिश है कि इन कदमों के जरिए आम जनता को यह संदेश दिया जाए कि देश एक कठिन दौर से गुजर रहा है और हर एक बूंद की बचत भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक झटकों से बचाने में मदद करेगी।

इन सब के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले में मंत्रियों से अपनी योजना बनाकर देने को कहा है। मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से कहा गया है कि वह गैर-जरूरी घरेलू और विदेशी यात्राओं पर तत्काल रोक लगाएं या इसे सीमित करें। नए कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स में काम कर रहे अधिकारियों से कहा जा रहा है कि वह मेट्रो या अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा करें।
आयोजनों और शादियों के लिए सीमा              सरकारी सूत्रों के मुताबिक सरकार बड़े पैमाने पर होने वाले आयोजनों और बड़ी शादियों के लिए सीमा तय करने भी विचार कर सकती है। हालांकि यह अभी सिर्फ विचार के स्तर पर है और हालात ज्यादा खराब होने पर इसे लागू करने की योजना है।

मोदी सरकार के इस तरह के नियंत्रण पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आश्वस्त किया है कि भारत के पास तेल और गैस का पर्याप्त रिजर्व मौजूद है। मंत्री के मुताबिक 60 दिनों का कच्चा तेल और 45 दिन की एलपीजी उपलब्ध है। अधिकारियों के मुताबिक वित्त मंत्रालय यह निगरानी करने में जुटा है कि अगर वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट बना रहता है तो कितने समय तक इससे जूझा जा सकता है। इसके मुताबिक तेल और गैस के दाम बढ़ाने को लेकर लगातार दबाव है।

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Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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